पथरी, डायबिटीज, थायराइड आम समस्या है कई लोग इन गंभीर बीमारियों से जुझ रहे है इनके लिए रामबाण इलाज है पत्थरचट्टा

खबर शेयर करें

समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। आजकल के गलत खान-पान के कारण कई सारी बीमारियां हो रही हैं। जिनमें से पथरी, डायबिटीज, थायराइड आम समस्या है। कई लोग इन गंभीर बीमारियों से जुझ रहे हैं। आप सिर्फ दवाईयों से ही नहीं बल्कि आयुर्वेदिक इलाज के जरिए भी इनसे राहत पा सकते हैं। आज आपको एक ऐसे ही आयुर्वेदिक पौधे के बारे में बताने जा रहे हैं, जो कई सारे औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। इसके आयुर्वेदिक गुणों के कारण इसे कई नामों से जाना जाता है। पत्थरचट्टा यह एक आयुर्वेदिक पौधा है। इसे एयरप्लांट, कैथेड्रेल बेल्स, लाइफ प्लांट और मैजिक लीफ जैसे नामों से भी जाना जाता है। तो चलिए आपको बताते हैं इससे होने वाले फायदों के बारे में…

आयुर्वेद में कहा जाता है भष्मपथरी
पत्थरचट्टा को आयुर्वेद में कई और नामों से भी जाना जाता है। इसका प्रयोग कई तरह की दवाईयां बनाने के लिए भी किया जाता है। आयुर्वेद में इसे भष्मपथरी, पाषाणभेद और पणपुट्टी के नाम से भी जाना जाता है। इसके अलावा मेडिकल साइंस में इसे ब्रायोफिलम पिनाटम कहते हैं। पत्थरचट्टा के पौधे की पत्तियों का स्वाद खट्टा और नमकीन सा होता है।

पथरी और पेट दर्द से दिलवाए राहत
यदि आप पथरी जैसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं तो पत्थरचट्टा का पौधा आपके लिए एक रामबाण औषधि के रुप में साबित हो सकता है। इसका नियमित सेवन करने से आपको पथरी की समस्या से राहत मिल सकती है। रोज सुबह उठकर खाली पेट इसके पत्तों का सेवन करें। पथरी से राहत मिलेगी। इसके अलावा आप पत्थरचिट्टा के पत्तों का रस निकालकर सौंठ का चूर्ण मिलाकर पिएं। इससे आपको पेट दर्द से भी राहत मिलेगी। पत्थरचिट्टा का रस पेट में से विषाक्त पदार्थ बाहर निकालने में भी मदद करता है।

यह भी पढ़ें -   मतदाता सूची को लेकर प्रशासन की बड़ी अपील, नोटिस मिलने पर घबराएं नहीं… नाम नहीं कटेगा, पहले मिलेगा पूरा मौका

किडनी की समस्या के लिए
पेशाब संबंधित समस्याओं के लिए भी पत्थरचट्टा का सदियों से इस्तेमाल किया जा रहा है। आप पत्थरचट्टा का काढ़ा बनाकर पिएं। इससे पेशाब में जलन, रुक-रुक कर पेशाब आना जैसी समस्याओं से भी राहत मिलेगी। पत्थरचट्टा बवासीर की समस्या के लिए भी बहुत ही उपयोगी माना जाता है।

वेजाइनल इंफेक्शन करे ठीक
महिलाओं को वेजाइनल इंफेक्शन जैसी खतरनाक समस्या का भी सामना करना पड़ता है। इस समस्या में महिलाओं को प्राइवेट एरिया में खुजली, जलन, वेजाइनल डिस्चार्ज होता है। इसे समस्या को दूर करने के लिए भी पत्थरचट्टा बहुत उपयोगी होता है। आप पत्थरचट्टा के पत्तों को उबालकर काढ़ा पीएं। यदि आपको इसका स्वाद अच्छा नहीं लगता तो आप काढ़े में थोड़ा सा शहद मिलाकर भी पी सकते हैं।

यह भी पढ़ें -   उत्तराखंड में बारिश का '10 दिन का वार'! 5 अगस्त को ऑरेंज अलर्ट, पहाड़ से मैदान तक हाई अलर्ट जारी

खूनी दस्त के लिए फायदेमंद पत्थरचट्टा
यह उनके लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है। जिन्हें खूनी दस्त की समस्या होती है। खूनी दस्त से राहत पाने के लिए आप पत्थरचट्टा के पत्तों का रस निकालें फिर इसमें चुटकी भर पीसा हुआ जीरा पाउडर और आधा चम्मच देसी घी मिलाएं। मिश्रण को अच्छे से मिलाएं। फिर आप इस मिश्रण का सेवन दिन में दो बार कर सकते हैं। पत्थरचट्टा के मिश्रण से आपको खूनी दस्त से राहत मिलेगी।

सूजन और घाव के लिए फायदेमंद है पत्थरचट्टा
यदि आपको त्वचा पर किसी तरह की सूजन या घाव है तो आप उसके लिए भी पत्थरचट्टा का प्रयोग कर सकते हैं। इस समस्या से राहत पाने के लिए आप पत्थरचट्टा के पत्तों को अच्छे से पीस लें। फिर इन पत्तों का लेप बनाएं और संक्रमित जगह पर लगाएं। इससे आपके घाव और सूजन को कम करने में भी राहत मिलेगी। इसके अलावा आप इस लेप से शरीर के रैशेज और खुजली भी दूर कर सकते हैं।

ADVERTISEMENTSAd

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440