समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। हिंदू धर्म में वैशाख माह का खास महत्व होता है। इस माह का संबंध भगवान विष्णु से होता है। क्योंकि इसी माह की पूर्णिमा पर भगवान विष्णु ने कूर्म का अवतरा लिया था। इन्हें ‘कच्छप’ अवतार भी कहा जाता है। कूर्मावतार भगवान विष्णु के दूसरे अवतार माने गए हैं। इसलिए इस माह का महत्व अधिक बढ़ जाता है। हिंदू कैलेंडर में यह दूसरा महीना होता है। इन दिनों में भगवान विष्णु की विशेष पूजा करने से अनंत शुभ फल मिलता है। साथ ही इस दौरान कुछ ऐसे कार्य हैं जिन्हें करना बेहद शुभफलदायी माना जाता है।
वैशाख नाम क्यों पड़ा?
हिंदू कैलेंडर में महीनों के नाम उस नक्षत्र के आधार पर रखे जाते हैं, जिसमें पूर्णिमा के दिन चंद्रमा स्थित होता है। वैशाख माह का नाम भी इसी नियम के अनुसार रखा गया है। वैशाख पूर्णिमा के दिन चंद्रमा विशाखा नक्षत्र में रहता है, इसलिए इस महीने को वैशाख कहा जाता है।
वैशाख माह में कौन से शुभ कार्य करें
सूर्य देव को अर्घ्य दें
वैशाख माह में व्यक्ति को सूर्याेदय से पहले ही उठ जाना चाहिए। इस समय या सूर्याेदय के आसपास स्नान करना शुभ माना जाता है। स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए। इसके लिए तांबे के पात्र में जल लेकर “घ् सूर्याय नमः” मंत्र का जप करते हुए सूर्य को जल अर्पित करें।
नदी में स्नान का महत्व
वैशाख माह में पवित्र नदियों में स्नान करना बेहद शुभ फलदायी होता है।ष पद्म पुराण के अनुसार महीरथ नामक राजा ने केवल वैशाख मास में किए गए स्नान के पुण्य से ही वैकुण्ठ धाम की प्राप्ति की थी। मान्यता है कि इस पवित्र महीने में सूर्याेदय से पहले किसी तीर्थ, सरोवर, नदी या कुएं पर स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि बाहर जाना संभव न हो, तो घर पर स्नान करते समय पवित्र नदियों का स्मरण और उनके नामों का जप करना चाहिए।
जल दान का महत्व
वैशाख मास में गर्मी अधिक होती है, इसलिए इस समय जलदान करना बहुत पुण्यदायक माना गया है। मान्यता है कि इन दिनों जल दान करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। यदि कोई व्यक्ति स्वयं जलदान नहीं कर सकता, तो उसे दूसरों को इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। इस माह में जो लोग प्याऊ लगवाते हैं, वे देवताओं, ऋषियों और पितरों को तृप्त करते हैं। कहा जाता है कि वैशाख मास में यदि कोई व्यक्ति एक भी व्यक्ति को जल पिलाता है, तो उसे ब्रह्मा, विष्णु और शिव जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
इन चीजों का करें दान
वैशाख माह में प्यासे को पानी और भूखे को अन्न देना महादान कहा गया है। इस महीने में गर्मी काफी अधिक रहती है, इन दिनों में सार्वजनिक जगहों पर प्याऊ लगवाएं, ये संभव न हो तो किसी प्याऊ में मटके का दान करें। जरूरतमंद लोगों को अनाज, जूते-चप्पल, छाता, कपड़े, भोजन दान करें।
भगवान विष्णु की पूजा
यह महीना भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है, इसलिए इस दौरान विधि-विधान के साथ उनकी पूजा-अर्चना करनी चाहिए और नियमित रूप से मंत्रों का जप करना शुभ होता है। साथ ही इस माह भगवान विष्णु में गीता पाठ करना शुभ होता है। मान्यता है कि इससे अश्वमेध यज्ञ का फल मिलता है। साथ ही श्रीविष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से कभी न खत्म होने वाला अनंत गुना पुण्य फल मिलता है।
पीपल और तुलसी पेड़ की पूजा
वैशाख माह में पीपल के पेड़ पर जल अर्पित करना और दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि मान्यता है कि इसमें देवताओं का निवास होता है। साथ ही इस माह सुबह तुलसी को जल चढ़ाएं और शाम को तुलसी के पास दीपक जलाएं।
शिव जी को चढ़ाएं ठंडा जल
इस माह में शिवलिंग पर ठंडा जल अर्पित करना शुभ माना जाता है। किसी मंदिर में मिट्टी का कलश दान करें। साथ ही मंदिर परिसर में छायादार पेड़ का पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प लें। पशु-पक्षियों के लिए पानी और भोजन की व्यवस्था करना भी पुण्यकारी होता है। इसके अलावा, नदी या तालाब में मछलियों के लिए आटे की गोलियां डालना भी शुभ माना जाता है।



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