दोपहर में झपकी लेने के होते हैं ये गजब के फायदे, दिमाग ही नहीं दिल भी बना रहता है सेहतमंद

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समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। शरीर के लिए जितना पौष्टिक आहार जरूरी है उतना ही 7 से 8 घंटे की नींद। वैसे भारी दोपहर के भोजन के बावजूद, दोपहर 1 से 3 बजे के बीच नींद आना आम है। यू तो दिन की नींद आम तौर पर आलस की निशानी समझी जाती है। पर अब यह बात सामने आई है कि यह आलस नहीं, बल्कि अच्छी सेहत की निशानी है। ं

जानकारी के अनुसार यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया के असिस्टेंट प्रोफेसर ने दोपहर में नींद की झपकी को सेहत के लिए फायदेमंद बताया है। उन्होंने कहा, श्दोपहर में सोने से काम में ज्यादा मन लगता है। मूड फ्रेश रहता है। शोधकर्ताओं का मनना है कि इससे इम्यूनिटी भी मजबूत होती है। इसके अलावा दिल से संबंधी बीमारी होने का खतरा भी कम होता है।

कुछ अध्ययनों ने यह भी साबित किया है कि कैफीन के सेवन की तुलना में छोटी झपकी बहुत बेहतर होती हैं। हालांकि, एक बिजली झपकी लेना सुनिश्चित करें जो झपकी के समय 20-30 मिनट है। यदि आप 60-90 मिनट की सीमा को पार करते हैं, तो आप सभी परेशान और चिढ़ जाएंगे। इसलिए इससे बचें।

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आइये जानते हैं दोपहर की झपकी लेने के कुछ और फायदे

इच्छाशक्ति को बढ़ाता है – दोपहर में झपकी ना लेने वाला इंसान इतना थक जाता है कि शाम तक उसका दिमाग ठीक से काम नहीं कर पता है और आपका दिमाग खुद को धकेलने से इनकार करता है। यह एक ज्ञात तथ्य है कि जब इच्छाशक्ति के मामलों की बात आती है जो मस्तिष्क के ताज़ा होने पर अक्सर सुबह सबसे अधिक होती है। जब आप नींद से वंचित होते हैं तो आपके मस्तिष्क में ध्यान केंद्रित करने और ध्यान भटकाने के लिए कठिन समय होता है।

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स्मृति में सुधार करता है – हाल ही में किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि जिन प्रतिभागियों ने नियमित रूप से 20-30 मिनट की दोपहर की झपकी ली, उनमें संज्ञानात्मक कौशल, स्मृति में सुधार हुआ और वे अधिक सतर्क हो गए। हालांकि, जिन लोगों ने 20-30 मिनट से अधिक समय तक झपकी ली, वे दुःख झेलते हैं और कोई महत्वपूर्ण सुधार नहीं दिखाते हैं।

आपकी रचनात्मकता को बढ़ाता है – कई लोगों ने बार-बार कहा है कि एक झपकी न केवल उन्हें तनाव को बेहतर ढंग से संभालने में मदद करती है, बल्कि उन्हें ध्यान केंद्रित करने, स्मृति को बढ़ाने और उनकी रचनात्मकता को बढ़ाने में भी मदद करती है।

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