स्वस्थ शैक्षिक वातावरण बनाए जाने को गूगल मीट के माध्यम से एमबी महाविद्यालय में ऑनलाइन व्याख्यानों की श्रृंखला शुरू

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समाचार सच, हल्द्वानी। एमबी स्नातकोत्तर महाविद्यालय हल्द्वानी के अंग्रेजी विभाग द्वारा अपने (साहित्यिक संगठन) के तत्वावधान में महाविद्यालय में स्वस्थ शैक्षिक वातावरण बनाए जाने हेतु गूगल मीट के माध्यम से ऑनलाइन व्याख्यानों की श्रृंखला प्रारंभ की गई है, जिसमें समय-समय पर अंग्रेजी विषय से संबंधित विभिन्न शिक्षाविदों को आमंत्रित किया जाएगा जा रहा है।

इस कड़ी में एस0 एस0 एन0 राज0 स्नातकोत्तर रूद्रपुर में कार्यरत एसो0 प्रो0 डॉ0 मनोज पाण्डे ने (गिरीश कर्नाड के नाटक ‘तुगलक’ के कथ्यपरक सरोकार) विषय पर विचारोत्तेजक व्याख्यान प्रस्तुत किया। डॉ0 पाण्डे ने भारतीय नाटकों के महत्वपूर्ण नाटककारों की कृतियों पर संक्षिप्त प्रकाश डालते हुए गिरीश कर्नाड के नाटक ‘तुगलक’ के मुख्य किरदार सल्तनत काल के सुल्तान मुहम्मद तुगलक के व्यक्तित्व का चरित्र चित्रण किया।

उन्होंने बताया कि मोहम्मद तुगलक सल्तनतकालीन सुल्तानों में सर्वाधिक आदर्षवादी एवं बुद्विमान शासक था लेकिन साथ ही अधीरता, क्रूरता वाले व्यक्तित्व एवं समय से पहले लिए गए कई निर्णयों एवं उनके अव्यावहारिक क्रियान्वयन के कारण उसे कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। गिरीष कर्नाड ने अपने नाटक ‘तुगलक’ को नेहरू युग के आदर्षवाद के परिप्रक्ष्य को ध्यान में रखकर लिखा।
पूरे कार्यक्रम का संचालन विद्यार्थियों द्वारा किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ पूजा बोरा द्वारा गाई सरस्वती वंदना से हुआ। सुदर्शन उपाघ्याय द्वारा अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संफल संचालन विनीता उपाघ्याय ने किया जबकि व्याख्यान का सार-संक्षेपण भावेष पाठक द्वारा प्रस्तुत किया गया. अंत में अंकित कुमार द्वारा आभार व्यक्त किया गया।

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अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष एवं कार्यक्रम के संयोजक प्रो0 हेमन्त कुमार शुक्ला ने बताया कि इसी कड़ी में 31 सितम्बर मंगलवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के सेवानिर्वत्त विभागाघ्यक्ष प्रो0 एस0 एच0 आबिदी द्वारा (समकालीन सिद्धांत एवं आलोचनाः एक विहंगावलोकल) विषय पर ऑनलाइन व्याख्यान प्रस्तुत किया जाएगा.

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इस अवसर पर कार्यक्रम के सह-संयोजक डॉ0 नीलोफर अख्तर, आयोजन सचिव डॉ0 कविता बिष्ट एवं डॉ0 कविता पंत, शोधार्थी निर्मल मेहता, गुलनाज़ के अतिरिक्त भारी संख्या में छात्र-छात्राओं ने व्याख्यान में प्रतिभाग किया। महाविद्यालय के प्राचार्य एवं कार्यक्रम के संरक्षक प्रो0 बी0 आर0 पंत ने कार्यक्रम की सफलता हेतु अंग्रेजी विभाग को बधाई दी।

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