उत्तराखण्डः इस पूर्व विधायक पर कानूनी शिकंजा! स्मार्ट मीटर विवाद में समर्थक भी फंसे

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समाचार सच, रामनगर (उत्तराखंड)। राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ाने वाला एक बड़ा मामला रामनगर से सामने आया है, जहां पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत पर सरकारी कार्य में बाधा डालने और मारपीट करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। मामला गुरुवार को शिवलालपुर चुंगी क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने के दौरान हुए हंगामे से जुड़ा है। अब उनके समर्थकों पर भी कानूनी संकट मंडराने लगा है।

विद्युत विभाग की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, विभाग की कार्यदायी संस्था द्वारा पुराने विद्युत मीटर की जगह स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और कार्य का विरोध किया।

आरोप है कि इस दौरान धक्का-मुक्की, मारपीट और उपकरणों को नुकसान पहुंचाया गया। मौके पर लगे पांच स्मार्ट मीटर तोड़ दिए गए, और ड्रिल मशीन व उसकी दो बैटरियां भी गायब पाई गईं।

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पुलिस ने इस मामले में एफआईआर संख्या 108/25 के तहत बीएनएस की धाराएं 221/132/115(2)/352/324(2) में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और वैधानिक कार्रवाई जल्द की जाएगी।

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इस घटना के बाद रामनगर क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। समर्थकों का कहना है कि मीटर लगाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं थी, वहीं विभाग ने इसे पूरी तरह सरकारी कार्य में व्यवधान करार दिया है।

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