समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। किसी भी वस्तु या कार्य को प्रारंभ करने में मुहूर्त देखकर उसे करने से बड़ा सुकून मिलता है और आत्मविश्वास बढ़ता है। जब बात अपने सपनों के घर की हो तो उसके निर्माण को शुरू करने में पहले मुहूर्त देखना चाहिए। शुभ मुहूर्त में निर्माण कार्य प्रारम्भ होता है तो निर्माण कार्य के दौरान किसी तरह के व्यवधान नहीं आते हैं। आइए जानें कि गृह निर्माण प्रारम्भ करने के लिए शुभ मुहूर्त का चयन कैसे करें ?
- भवन संबंधी कार्यों की शुरूआत के लिए शुभ माह का चयन करना महत्वपूर्ण है। भारतीय कैलेंडर के हिसाब से फाल्गुन, बैसाख और सावन के महीने में भूमिपूजन, शिलान्यास और गृह निर्माण के लिए सबसे अच्छे माह माने जाते हैं।
- माघ, ज्येष्ठ, भाद्रपद और मार्गशीर्ष माह मध्यम श्रेणी में रखे गए हैं।
- चैत्र, आषाढ़, आश्विन और कार्तिक मास वर्जित कहे गए हैं।
- मंगलवार और रविवार को निर्माण से संबंधित काम न करें।
- द्वितीया, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी या त्रयोदशी तिथियां शुभ हैं।
- किसी भी शुभ माह में रोहिणी, पुष्य, अश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपदा, स्वाति, हस्तचित्र, रेवती, शतभिषा, धनिष्ठा सबसे पवित्र और सभी प्रकार से लाभप्रद नक्षत्र माने जाते हैं।
- सात शुभ लक्षणों का योग सावन मास, शुक्ल पक्ष, सप्तमी तिथि, शनिवार का दिन, शुभ योग, सिंह लग्न में स्वाति नक्षत हो तो गृह निर्माण का प्रारम्भ सबसे अच्छा माना जाता है।
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