समाचार सच, पिथौरागढ़। उत्तराखंड के मुनस्यारी क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां बाल विवाह की शिकार 14 वर्षीय किशोरी ने एक बच्चे को जन्म दिया है। किशोरी को प्रसव पीड़ा होने पर 11 अप्रैल की शाम जिला महिला अस्पताल लाया गया था। भर्ती के दौरान दस्तावेजों की जांच में उसकी उम्र महज 14 वर्ष सामने आने पर अस्पताल प्रशासन भी हैरान रह गया।
डॉक्टरों ने जच्चा-बच्चा की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अल्ट्रासाउंड जांच कराई, जिसमें किशोरी के लगभग 8 माह की गर्भवती होने की पुष्टि हुई। इसके बाद 13 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे उसने एक पुत्र को जन्म दिया। वर्तमान में मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं और डॉक्टरों की निगरानी में रखे गए हैं।
जिला अस्पताल की पीएमएस डॉ. भागीरथी गर्ज्याल के अनुसार, जच्चा-बच्चा दोनों की स्थिति सामान्य है, लेकिन एहतियात के तौर पर उन पर लगातार नजर रखी जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही बाल संरक्षण समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह खाती भी अस्पताल पहुंचे और पीड़िता का हालचाल जाना। उन्होंने बताया कि दोनों सुरक्षित हैं और समिति इस मामले पर नजर बनाए हुए है।
वहीं, मामले को गंभीरता से लेते हुए मुनस्यारी थाने में किशोरी के कथित पति के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।



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