बोर्ड परीक्षा फर्जीवाड़ा: मास्टरमाइंड निकला स्कूल प्रिंसिपल, रानीपुर पुलिस ने किया गिरफ़्तार

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समाचार सच, हरिद्वार। हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थी बैठाने के सनसनीखेज मामले में कोतवाली रानीपुर पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए एक स्कूल प्रिंसिपल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर फर्जी प्रवेश पत्र तैयार कर असली छात्रा की जगह दूसरी छात्रा से परीक्षा दिलाने का गंभीर आरोप है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में पूरे गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।

24 फरवरी को राजकीय इंटर कॉलेज, सलेमपुर में आयोजित हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा के दौरान एक फर्जी परीक्षार्थी पकड़ा गया था। इस संबंध में प्रधानाचार्य सुरेश चन्द्र द्विवेदी की तहरीर पर थाना रानीपुर में मुकदमा अपराध संख्या 59/2026 धारा 318(2), 319(2), 61(2) बीएनएस एवं 3/6 सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

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घटना के तुरंत बाद पुलिस ने तीन ‘मुन्ना भाई’ और चार ‘मुन्नी बहनों’ को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से फर्जी प्रवेश पत्र बरामद किए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक आशुतोष सिंह राणा के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम लगातार जांच में जुटी रही।

जांच में सामने आया कि चंगेज अंसारी, निवासी मेन रोड मोहल्ला चौहानान, ज्वालापुर, इस फर्जीवाड़े का मुख्य साजिशकर्ता है। वह स्वयं को अल्मोडिया इस्लामिक हाई स्कूल, ज्वालापुर का प्रिंसिपल बताता था और ‘द सक्सेज प्वॉइंट’ नाम से व्हाट्सएप व सोशल मीडिया ग्रुप के माध्यम से ऑनलाइन कोचिंग संचालित करता था, जिसमें करीब 40-50 छात्र जुड़े बताए गए हैं।

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पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपनी ट्यूशन छात्रा पाची और उसकी नाबालिग बहन के अभिभावकों से परीक्षा पास कराने के नाम पर धनराशि ली थी। आरोप है कि उसने सावित्री शिक्षा सदन, रावली महदूद के नाम से फर्जी प्रवेश पत्र तैयार कर वास्तविक परीक्षार्थी की जगह दूसरी छात्रा को हिंदी विषय की परीक्षा में बैठाया।

पुलिस के अनुसार, सावित्री शिक्षा सदन, रावली महदूद की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया जा रहा है और मामले की विवेचना जारी है। शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करने वाले इस प्रकरण से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।

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