बिना गोली और चूरन के डाइजेशन होगा दुरुस्त, पेट की गैस और कब्ज से ये नुस्खे दिलाएंगे राहत

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समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। आजकल के मॉर्डन लाइफस्टाइल में पेट संबंधी समस्याएं हम में से अधिकांश लोगों के जीवन का हिस्सा बन गई हैं। हम सभी यह अच्छी तरह जानते हैं कि जब तक हमारा पाचन दुरुस्त नहीं है आप स्वस्थ नहीं रह सकते हैं, क्योंकि हम जो कुछ भी पचाते हैं उसका सीधा प्रभाव हमारे शारीरिक स्वास्थ्य के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। जब आपका पाचन खराब या अशांत होता है तो इसके चलते आपको कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है जैसे- एसिडिटी, कब्ज, गैस्ट्रिक परेशानियां, सिरदर्द, त्वचा संबंधी समस्याएं, एनीमिया, शरीर में विटामिन की कमी आदि। वहीं, हम में से ज्यादातर लोग इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन क्या वाकई अपने पाचन में सुधार करने के लिए आपको दवाईयों पर निर्भर रहने के आवश्यकता है? आइए पता करते हैं।

बिना दवा के पाचन को कैसे रखें स्वस्थ –
आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. दीक्षा भावसार बताती हैं कि हमारे पेट के स्वास्थ्य पर काम करना हमारी प्रतिरक्षा में सुधार करने और सभी पाचन समस्याओं से हमेशा के लिए छुटकारा पाने का सबसे अच्छा तरीका है। तो आप इस पर तुरंत काम करना कैसे शुरू कर सकते हैं। डॉ. दीक्षा के अनुसार, आप किसी भी तरह की दवाइयों और गोलियों का सहारा लिए बिना, साथ ही बिना पैसे खर्च किए अपने पेट के स्वास्थ्य पर काम करना शुरू कर सकते हैं। बस इन चीजों को अपनी दिनचर्या में धार्मिक रूप से शामिल करें और अपने पाचन में फर्क देखें –

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भोजन के बाद वज्रासन मुद्रा में बैठें
यह आपके पेट में ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करता है जिससे पाचन और अवशोषण की प्रक्रिया आसान हो जाती है।

लंच में भोजन के साथ छाछ जरूर लें
विशेषज्ञ बताते हैं है कि जो व्यक्ति तक्र यानी छाछ का प्रतिदिन सेवन करता है, उसे रोग नहीं होते हैं। साथ ही तक्र का सेवन करने से जो रोग ठीक होते हैं वह दोबारा नहीं होते हैं। जिस तरह देवताओं के लिए अमृत है, उसी तरह छाछ मनुष्यों के लिए है। यह कफ और वात को कम करके पाचन में सुधार करती है।

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विरोधी फूड्स के सेवन से बचें
विरुद्ध अहार या विरोधी फूड्स जैसे फलों के साथ दूध, मछली के साथ दूध, शहद और गर्म पानी, ठंडा और गर्म भोजन एक साथ, आदि आपके चयापचय को धीमा कर देते हैं। इसलिए इनसे बचना ही स्वास्थ्य के लिए बेहतर है।

दाल और नट्स को भिगोकर रखें
दालों और नट्स में फाइटिक एसिड होता है जो हमारी आंतों के लिए उनसे पोषक तत्वों को अवशोषित करना मुश्किल बना देता है। इन्हें भिगोने से फाइटिक एसिड निकल जाता है और हमारी आंत के लिए भोजन को पचाना और उनमें मौजूद पोषक तत्वों को अवशोषित करना आसान हो जाता है।

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कच्चे स्प्राउट्स और सब्जियों से बचें
कच्चे भोजन को अच्छी तरह से मेटाबोलाइज करने के लिए अच्छी गट हेल्थ की आवश्यकता होती है। जब आपके शरीर की अग्नि पहले से ही कमजोर है, तो कच्चा भोजन इसे और कम कर देगा और आपको फूला हुआ और असहज महसूस कराएगा। इसलिए हमेशा पका हुआ खाना ही खाएं।

रोजाना 5000 कदम जरूर चलें
गतिहीन जीवन आपको कई तरह के रोग दे सकता है। इसलिए विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि आपको कुछ शारीरिक गतिविधियां जरूर करनी चाहिए, क्योंकि अगर आपको शरीर मूवमेंट नहीं करता है तो आपके पाचन में भी सुधार नहीं हो सकता है। यदि आपके पास व्यायाम करने के लिए समय नहीं है, तो आपको दिन में कम से कम 5000 कदम पैदल जरूर चलना चाहिए। इससे आपको अपने पाचन में सुधार करने में मदद मिलेगी।

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