Satnve bhav

आइए जानते हैं कुंडली के सप्तम भाव में राहु हो तो क्या फल देता है

खबर शेयर करें

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। सप्तम भाव में स्थित राहु जातक को अच्छा जीवनसाथी प्रदान करता है। जातक और उसके जीवनसाथी के बीच प्रेम बना रहता है। कुंडली के सप्तम भाव में शुभ राहु जातक को अच्छी नौकरी प्रदान करते हैं और उसका व्यवसाय भी ठीकठाक ही चलता रहता है। लेकिन यदि इस भाव में राहु खराब प्रभाव में हो तो जातक का कद नाटा हो सकता है।

सप्तम भाव में स्थित राहु का फल
वैदिक ज्योतिष में जन्मकुंडली के सप्तम भाव को विवाह स्थान कहा जाता है। इस भाव से किसी जातक के वैवाहिक सुख, शैयया सुख, साझेदारी, जीवनसाथी का स्वभाव, व्यापार और विदेश में प्रवास के योग, कोर्ट कचहरी के मामले को देखा जाता है। जन्म कुंडली का सप्तम भाव किसी जातक को जीवन में प्राप्त होने वाले यश और अपयश को भी दर्शाता है। जानिए राहु के सप्तम भाव में होने के प्रभाव।

– जन्मकुंडली के सप्तम भाव में राहु को अधिकांशता खराब ही बताया गया है। ये जातक को मुख्यता खराब परिणाम ही देते हैं, जीवन में कभी कभार सप्तम भाव का राहु कुछ शुभफल भी प्रदान कर सकता है। ऐसे जातक अत्याधिक चतुर प्रकृति के होते हैं और इन्हें घूमने फिरने का बहुत शौक होता है।

यह भी पढ़ें -   आपदा पीड़ितों के सहयोग के लिए मुख्यमंत्री को सौंपा 11 करोड़ का चेक

-कुंडली के सप्तम भाव में विराजमान राहु जातक को अत्याधिक अहंकारी बनाते हैं जिससे जातक किसी की अधीनता स्वीकार नहीं करता उसे अधिकतर स्वतंत्र रहने की ही चाहत बनी रहती है। इस कारण नौकरी या साझेदारी में भी सामान्यता अनबन बनी रहती है। ऐसे जातकों का विवाह कई बार जल्दी या अत्याधिक देरी से होता है। सप्तम भाव में स्थित राहु जातक को अच्छा जीवनसाथी प्रदान करता है। जातक और उसके जीवनसाथी के बीच प्रेम बना रहता है।

-कुंडली के सप्तम भाव में शुभ राहु जातक को अच्छी नौकरी प्रदान करते हैं और उसका व्यवसाय भी ठीकठाक ही चलता रहता है। लेकिन यदि इस भाव में राहु खराब प्रभाव में हो तो जातक का कद नाटा हो सकता है। जीवन में अच्छा काम करने पर भी जातक को बुराई ही हाथ लगती है। ऐसे जातक स्वभाव से क्रोधी और दूसरों से झगड़ा करने वाले हो सकते हैं।

यह भी पढ़ें -   श्राद्ध पक्ष 2022: गाय और कुत्ते को भोजन देने की, चावल के बने पिंड का दान करने की परंपरा है

-सप्तम भाव में राहु व्यक्ति को अत्याधिक अहंकारी और असंतुष्ट बनाता है। जातक का स्वभाव काफी उग्र होता है। ऐसे जातकों की संगति खराब व्यक्तियों से हो सकती है। खराब संगति में पड़कर जातक कई बार अच्छे लोगों को कष्ट पहुंचा सकता है। ऐसे जातकों को बेकार में घूमने फिरने से बचना चाहिए। जहां तक संभव हो ऐसे जातकों को धर्म का पालन करना चाहिए। मनमुताबिक जीवनसाथी न मिलने पर घर में कलह हो सकती है। या जीवनसाथी का स्वास्थ्य खराब रह सकता है। राहु का दुष्प्रभाव के कारण ऐसे जातकों का दाम्पत्य जीवन नष्ट हो जाता है और किसी न किसी प्रकार का कष्ट बना रहता है।

Ad - Harish Pandey
Ad - Swami Nayandas
Ad - Khajaan Chandra
Ad - Deepak Balutia
Ad - Jaanki Tripathi
Ad - Asha Shukla
Ad - Parvati Kirola
Ad - Arjun-Leela Bisht

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440

Leave a Reply

Your email address will not be published.