शरीर में कई ऐसी गड़बड़ी हो जाती है जिससे हमें ज्यादा पसीना, जानिए इसे ठीक करने के उपाय

खबर शेयर करें

समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। अगर आपको भी सामान्य से अधिक मात्रा में पसीना आता है तो यह चिंताजनक हो सकता है और यह किसी बीमारी या शारीरिक स्थिति का भी एक लक्षण हो सकता है। कई बार वह नर्वस जो स्वैट ग्लैंडस को ट्रिगर करती हैं, वह ज्यादा ही एक्टिव हो जाती हैं और इसी वजह से पसीना ज्यादा आता है। इसके और भी कई कारण हो सकते हैं जैसे- पिनियल और थायरॉयड ग्लैंड डिसऑर्डर, डायबिटीज़ मेलिटस, बुखार आना, मेनोपॉज, दिल से जुड़ी बीमारियां और एंजाइटी होना आदि। आइए जानते हैं आप अधिक पसीने आने की समस्या को कैसे नियंत्रित कर सकते हैं।

अधिक पसीना आने का हो सकता है यह कारण
पित्त का बढ़ना: शरीर में पसीना ज्यादा आने का एक कारण इस दोष का बढ़ना भी होता है। इसलिए इस दोष को बैलेंस करने की कोशिश करनी चाहिए। इससे पसीना भी नियंत्रित होता है, बॉडी हीट, बॉडी ऑडर, शरीर में जलन होने जैसी स्थितियों से भी राहत मिल सकती है।

कुछ घरेलू इलाज

यह भी पढ़ें -  

धनिया का पानी पिएं
कुछ धनिया के बीज लें और उन्हें क्रश कर दें। अब इसमें थोड़ा सा पानी एड कर दें। इसे पूरी रात ऐसे ही छोड़ दें। सुबह उठते ही खाली पेट सबसे पहले इस पानी को पिएं।

वेटिवर का पानी पिएं
वेटिवर की जड़ों की एक चम्मच लें और उसे दो लीटर पानी में मिला कर उबाल दें। इसे 20 मिनट तक उबलता रहने दें। इससे छान लें और पूरा दिन पीते रहें। इसे नॉर्मल पानी के साथ भी पिया जा सकता है।

बॉडी पेस्ट
थोड़ा सा गुलाब जल लें और उसे सरिवा, चंदाना, अमालकि, उशीरा के पाउडर के साथ मिला दें। अब इस सारे पेस्ट को अपने शरीर पर अप्लाई कर लें। इसे 15 से 20 मिनट के बाद धो लें।

चंदन का पेस्ट लगाएं
चंदन का लेप भी पसीना कम आने में मदद करता है। आपको केवल चंदन के पाउडर को पानी में मिला कर एक पेस्ट बना लेना है और उसे अपने शरीर के उन भागों में अप्लाई कर लें जहां आपको सबसे ज्यादा पसीना आता है।

यह भी पढ़ें -   उत्तराखंड में 1 अगस्त तक बारिश का दौर जारी, तीन दिन भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

बाथिंग वॉटर
पानी में 20 ग्राम नलपमराद चूर्णम मिलाएं और उसे 20 मिनट तक उबलने दें। इसे अब छान दें और शरीर को सामान्य पानी से साफ कर लें।

डाइट में भी करें आवश्यक बदलाव

अगर आप पसीना नियंत्रित करना चाहते हैं तो डाइट में भी थोड़े बहुत बदलाव करने होंगे। यह बदलाव निम्न हैं

-अधिक तीखे या खट्टे खाने को न खाएं।
-ज्यादा गर्म प्रकृति के खाना को न खाएं।
-रात में 10 किशमिश को पानी में भिगो कर रख दें और सुबह उठने के बाद इन किशमिश को खा लें।
-अपने खाने में अधिक कड़वी, मीठी और कसैली स्वाद की चीजों को शामिल जरूर करें।
नोट: यह सब घरेलू इलाज ट्राई करके जरूर देखें। अगर हफ्ते भर इन्हें ट्राई करने के बाद भी आप को कोई नतीजा नहीं देखने को मिलता है तो आप को अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए, क्योंकि यह ग्लैंड में आने वाले डिसऑर्डर या किसी अन्य गंभीर स्थिति का कोई लक्षण भी हो सकता है।

ADVERTISEMENTSAd

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440