एडवेंचर के लिए टाइटैनिक का मलबा देखने जाना महंगा पड़ा इन 5 अरबपतियों को, जानिए कैसे हुआ ये हादसा

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समाचार सच। 1912 में टाइटैनिक जहाज़ डूबने की भयानक घटना घटी थी. इतने सालों बाद भी लोगों में उस जहाज़ को लेकर उत्साह और जिज्ञासा दोनों बनी हुई है. कोई भी उस घटना को भूल नहीं पाया है हालांकि, टाइटैनिक तब से लेकर आज तक मिला नहीं है. मगर इस घटना के जानकार लोग आज भी उससे जुड़े हुए हैं. इसी के चलते 18 जून को टाइटैनिक जहाज़ के मलबे को देखने के लिए 5 अरबपति बिज़नेसमैन टाइटन पनडुब्बी (Titan Submarine) से गए, जो पनडुब्बी दुर्घटना का शिकार हुई और लापता हो गई.

आपको बता दें, पनडुब्बी में जो 5 अरबपति यात्री गए थे वो टाइटैनिक जहाज़ के अवशेष को देखने के लिए गए थे. उस पनडुब्बी में ब्रिटिश-पाकिस्तानी अरबपति शहज़ादा दाऊद (एंग्रो कोर्प के उपाध्यक्ष) और उनका बेटा सुलेमान, ब्रिटिश अरबपति हामिश हार्डिंग, फ़्रांसीसी पर्यटक पॉल-हेनरी नार्गियोलेट और ओशनगेट के सीईओ स्टॉकटन रश यात्रा कर रहे थे.

पनडुब्बी के लापता होने के बाद अटकलों और कयासों का दौर शुरू हो चुका है, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि पनडुब्बी जब गहराई में होगी तो उसमें तकनीकी ख़राबी की वजह से वो डूब गई होगी तो कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि, पनडुब्बी टाइटैनिक के मलबे से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई. इसी बीच न्‍यूज़ एजेंसी AP की रिपोर्ट के अनुसार, ओशनगेट कंपनी (OceanGate) ने अपने बयान में कहा-हमने टाइटन पनडुब्बी में सवार सभी यात्रियों को खो दिया है. इस हादसे पर हम शोक व्यक्त करते हैं. दुख की इस घड़ी में हमारी संवेदनाएं उन पांचों यात्रियों के परिवारों के साथ हैं.’

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हालांकि, कंपनी ने अभी सिर्फ़ मरने वालों की पुष्टि की है लेकिन किसी तरह का कोई विवरण नहीं दिया कि ये हादसा क्यों और कैसे हुआ? कुछ खोजकर्ताओं की मानें तो, उनका कहना है कि – रविवार 18 जून की सुबह 6 बजे उत्तर अटलांटिक महासागर में अपनी यात्रा के दौरान टाइटन पनडुब्बी लापता हुई थी उसके चालक दल के पास केवल 4 दिन की ऑक्सीजन थी वो गुरुवार सुबह ख़त्‍म हो जाने से ये हादसा हुआ है.

टाइटन पनडुब्बी के लापता (Titan Submarine Missing) होने की ख़बर फैलते ही अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा सहित कई देशों के खोजकर्ताओं की टीम सर्च-ऑपरेशन में जुट गई थी लेकिन 4 दिनों की खोच के बाद भी किसी को भी पनडुब्बी नहीं मिली. सर्च-ऑपरेशन को 96 घंटे हो चुके थे. इसके बाद, यूएस कोस्‍ट गार्ड ने एक बयान जारी किया, कि – 22 जून को टाइटन पनडुब्बी का मलबा ठीक उसी जगह मिला है जहां 1912 में मध्‍य अटलांटिक महासागर में टाइटैनिक (Titanic Ship) डूबा था. हालांकि, अभी ये स्पष्ट नहीं हुआ है कि ये मलबा 18 जून को लापता हुई टाइटन पनडुब्बी का ही है.

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एक रिपोर्ट में बताया गया कि, लापता पनडुब्बी में 10 साल पुराने गेमिंग कंट्रोलर का इस्तेमाल किया गया था, जिसने काम करना बंद कर दिया होगा.

कयासों का क्या है वो तो चलते ही रहेंगे मगर अमेरिकी अधिकारियों ने 22 जून को एक ट्वीट कर हादसे के बारे में बताया- उन्‍होंने कहा कि ओशनगेट की टाइटन पनडुब्‍बी को खोजने का अभियान ख़त्म हो चुका है उसमें सवार 5 अरबपति यात्री दुर्भाग्‍य से अब ज़िंदा नहीं हैं. बहरहाल, वहां से जो भी साक्ष्‍यों को जुटाया गया है उनके आधार पर हमारी छानबीन जारी है.

पनडुब्‍बी के ऑनर ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि, सभी खोजकर्ता यात्रियों में अद्भुत साहस और महासागरों की खोज के लिए ख़ासा जुनून था.

These 5 billionaires found it expensive to visit the wreckage of Titanic for adventure, know how this incident happened

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