समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। हिंदू धर्म में वृक्षों को देवता स्वरूप माना गया है। कुछ पौधे ऐसे भी होते हैं जिन्हें रोपने से, जल चढ़ाने से व पूजा करने से समस्याओं का समाधान हो सकता है। ज्योतिषाचार्य पं. प्रफुल्ल भट्ट…


समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। हिंदू धर्म में वृक्षों को देवता स्वरूप माना गया है। कुछ पौधे ऐसे भी होते हैं जिन्हें रोपने से, जल चढ़ाने से व पूजा करने से समस्याओं का समाधान हो सकता है। ज्योतिषाचार्य पं. प्रफुल्ल भट्ट…

समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। घर में पौधे लगाने के बहुत सारे फायदे हैं। अगर आपने घर में तुलसी, कमल और आर्किड जैसे पौधे लगा रखे हैं तो ये पौधे आपको दो तरह से फायदे देते हैं। पहला तो ये हवा…
समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। 4 दिसंबर 2021, शनिवार को इस वर्ष का अंतिम सूर्य ग्रहण है। इस दिन आप भगवान सूर्य के इन 7 सरल मंत्रों में से किसी भी मंत्र का जाप करके जीवन के हर संकट को दूर…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। 4 दिसंबर को लगने वाला ये ग्रहण 15 दिनों के अंदर लगने वाला दूसरा ग्रहण है। इससे पहले 19 नवंबर को चंद्रमा ग्रहण लगा था। ये ग्रहण खग्रास यानी कि पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। आइए जानते…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। डॉक्टर आचार्य सुशांत राज ने जानकारी देते हुये बताया की साल का आखिरी सूर्य ग्रहण बेहद खास है। एक तो यह मार्गशीर्ष महीने की शनि अमावस्या के दिन लग रहा है। इसके अलावा इस ग्रहण पर…
समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि आंशिक सूर्य ग्रहण को खंडग्रास ग्रहण भी कहते हैं। आंशिक ग्रहण तब होता है जब सूर्य और चंद्रमा एक सीधी लाइन में नहीं होते और चंद्रमा सूर्य…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने से सभी संकटों से मुक्ति मिलती है। मंगलवार के दिन हनुमान मंदिर जाकर हनुमान जी की पूजा करने से सभी रोग-दोषों और संकटों से मुक्ति मिलती है। धार्मिक…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। हमारे समाज में कई तरह की मान्यताएं प्रचलित हैं और इन मान्यताओं को शगुन और अपशगुन से जोड़कर देखा जाता है। उनमें से एक हैं छींक, जिसको प्राय: अशुभ माना जाता है। रोगी मनुष्य यदि बार-बार…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। प्रकृति की लीलाएं अपने आप में बेहद अद्भूत होती हैं. ये इंसान को हर जगह संकेत देती है कि उसके जीवन में क्या शुभ और अशुभ घटित होने वाला है। व्यक्ति के लिए ये जरूरी होता…