समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। नवरात्रि के नौ दिनों में भक्त माता रानी को प्रसन्न करने के लिए व्रत रखते हैं और पूरे श्रद्धाभाव से उनकी आराधना करते हैं। इस दौरान कई लोग अपनी दिनचर्या में कुछ खास नियम अपनाते हैं,…


समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। नवरात्रि के नौ दिनों में भक्त माता रानी को प्रसन्न करने के लिए व्रत रखते हैं और पूरे श्रद्धाभाव से उनकी आराधना करते हैं। इस दौरान कई लोग अपनी दिनचर्या में कुछ खास नियम अपनाते हैं,…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। नवरात्रि के तीसरे दिन की देवी चंद्रघंटा है। इनके मस्तक में घंटे का आकार का अर्धचंद्र है, इसी कारण से इन्हें चंद्रघंटा देवी कहा जाता है। शारदीय या चौत्र नवरात्रि के तीसरे दिन यानी तृतीया को…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की आराधना की जाती है। साल 2026 में सोमवार, 12 अक्टूबर को नवरात्रि की द्वितीया तिथि पड़ रही है। इस दिन भक्त मां ब्रह्मचारिणी की पूजा…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। शारदीय नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता को सफेद फूल, फल और गाय के शुद्ध घी का भोग अर्पित करना शुभ…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। सर्वपितृ अमावस्या पर तर्पण, पिंडदान और पंचबलि कर्म करने के साथ ही देवताओं और पितरों के भोग को अग्नि को समर्पित किया जाता है। पहले उनके लिए पत्ते पर अलग से भोजन निकाल कर रखा जाता…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व शुरू होता है। वर्ष 2026 में नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर, रविवार से हो रही है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। शारदीय नवरात्रि 2026 की शुरुआत 11 अक्टूबर, रविवार से होगी। इस दिन अश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के साथ घटस्थापना और मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर की रात करीब 9.19…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। पितृपक्ष को हिंदू धार्मिक परंपरा में पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का समय माना जाता है। साल 2026 में पितृपक्ष 26 सितंबर से शुरू हुआ और 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। पितृ पक्ष की चतुर्दशी तिथि का श्राद्ध (जिसे ‘घात चतुर्दशी’ या ‘शस्त्र हत श्राद्ध’ भी कहा जाता है) अत्यंत विशेष और संवेदनशील माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, यह तिथि केवल उन्हीं पूर्वजों के निमित्त समर्पित…