समाचार सच, खटीमा डेस्क। सितारगंज क्षेत्र के नयागांव में पीलिया और डायरिया का प्रकोप सामने आने से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। क्षेत्र में 40 से अधिक बच्चों के बीमार होने की सूचना है, जबकि एक 10 वर्षीय मासूम की मौत होने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया है। बीमार बच्चों का उपचार सरकारी और निजी अस्पतालों में चल रहा है।
जानकारी के अनुसार नयागांव निवासी 10 वर्षीय अल्तमस की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। परिजन उसे अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उसकी बहन भी पीलिया की चपेट में है और उसका इलाज रुद्रपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।
गांव में बड़ी संख्या में बच्चे बुखार, कमजोरी, सीने में दर्द और पीलिया जैसे लक्षणों से पीड़ित हैं। चिकित्सा जांच में अधिकांश बच्चों में काले पीलिया के लक्षण पाए गए हैं। कई बच्चों का इलाज स्थानीय निजी अस्पतालों में चल रहा है, जबकि कुछ परिवार बेहतर उपचार के लिए बच्चों को अन्य शहरों के अस्पतालों में ले गए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. केके अग्रवाल ने तत्काल रैपिड रिस्पॉन्स टीम (आरआरटी) का गठन कर जांच शुरू करा दी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर बीमार बच्चों के रक्त नमूने लिए हैं और बीमारी के कारणों की पड़ताल की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग का प्राथमिक अनुमान है कि दूषित पेयजल, अस्वच्छ भोजन और साफ-सफाई की कमी के कारण संक्रमण फैला हो सकता है। इसी के मद्देनजर जल संस्थान को भी पत्र भेजकर क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय टीम ने गांव में लगे पानी के टैंकों और नलों से पानी के नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेज दिए हैं।
सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल ने बताया कि बीमारी की वास्तविक वजह जानने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि जल संस्थान से क्षेत्र में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने और संभावित दूषित जल स्रोतों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है, ताकि बीमारी के प्रसार पर जल्द नियंत्रण पाया जा सके।



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