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मकर संक्रांति पर खूब चाव से खाई जाती है खिचड़ी, वेट से लेकर डायबिटीज कंट्रोल करने तक जानें इसके फायदे

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समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। खिचड़ी एक ऐसा भोजन है जिसे भारत के हर हिस्से में खाया जाता है। इसे बनाना आसान है और यह टेस्टी होने के साथ हेल्दी भी होती है। माना जाता है कि यह सुपरफूड आपकी ग्रह स्थिति को मजबूत रखने में मदद करता है।

कोरोना वायरस महामारी के बीच त्योहारों का मौसम भी है और कोई भी त्योहार विशेष व्यंजनों के बिना पूरा नहीं होता है। हर त्योहार के लिए एक खास रेसिपी होती है। आज यानी शुक्रवार, शनिवार 14, 15 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व भी मनाया जा रहा है। इस पर्व पर खिचड़ी खाने की परंपरा होती है। लोग इस दिन अपने घरों में स्वादिष्ट खिचड़ी बनाते हैं चाव के साथ खाते-खिलाते हैं।

सवाल यह है कि मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी क्यों खाई जाती है? एक प्रचलित मान्यता के कारण मकर संक्रांति को खिचड़ी त्योहार भी कहा जाता है। चावल को चंद्रमा का प्रतीक माना जाता है, उड़द की दाल को शनि का प्रतीक माना जाता है और सब्जियों को बुध का प्रतीक कहा जाता है। माना जाता है कि यह सुपरफूड आपकी ग्रह स्थिति को मजबूत रखने में मदद करता है।

खिचड़ी एक ऐसा भोजन है जिसे भारत के हर हिस्से में खाया जाता है। इसे बनाना आसान है और यह टेस्टी होने के साथ हेल्दी भी होती है। आमतौर पर खिचड़ी को डाल और चाल के साथ बनाया जाता है लेकिन आप इसमें स्वाद और पोषण जोड़ने के लिए इसमें कुछ सब्जियां और घी का इस्तेमाल कर सकते हैं। खिचड़ी को पचाना आसान है जिस वजह से यह बच्चों और बुजुर्गों के लिए बेहतर डिश है।

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पोषक तत्वों का खजाना है खिचड़ी
खिचड़ी वास्तव में एक उच्च पोषण वाला भोजन है। विभिन्न सब्जियों और दाल-चावल के मिश्रण से बनी खिचड़ी में प्रोटीन, कार्बाेहाइड्रेट, फाइबर, हेल्दी फैट सहित संतुलित मैक्रोन्यूट्रिएंट्स होते हैं जो आपके शरीर के लिए आवश्यक होते हैं।

पाचन तंत्र को बेहतर बनाती है खिचड़ी
खिचड़ी एक ऐसा व्यंजन है जो पाचन में मदद करता है और आसानी से पच भी जाता है। खिचड़ी में चावल और दाल ही एकमात्र मुख्य सामग्री है जिस वजह से यह आसानी से पच जाती है। अन्य खाद्य पदार्थों के सेवन के दौरान आपकी आंतों की दीवारों में जो जलन होती है, ऐसा खिचड़ी खाते समय नहीं होता है। खिचड़ी एक बहुत ही हल्की फूड रेसिपी है। यही वजह है कि डॉक्टर बच्चों, बुजुर्गों और यदि आप किसी बीमारी से उबर रहे हैं तो खिचड़ी की सलाह देते हैं।

खिचड़ी के आयुर्वेदिक लाभ
खिचड़ी का सेवन प्राचीन काल से किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि यह प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार करता है और आपके शरीर में ऊर्जा को संतुलित करता है। खिचड़ी को त्रिदोष के रूप में जाना जाता है क्योंकि इसमें तीन तत्वों या तीन दोषों (वात, पित्त, कफ) को संतुलित करने की क्षमता होती है।

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शरीर को भीतर से करती है साफ
खिचड़ी शरीर को भीतर से साफ करने में मदद करती है। खाने-पीने की कुछ चीजें शरीर के भीतर विषाक्त पदार्थ जमा कर देती हैं। अक्सर देखा गया है कि लोग बॉडी डिटॉक्स करने के लिए विभिन्न तरह की चीजों का सेवन करते हैं। बहुत कम जानते हैं कि खिचड़ी आपके शरीर को बहुत आसानी से डिटॉक्सीफाई कर सकती है।

वजन कंट्रोल करने में सहायक
खिचड़ी में कैलोरी और फैट में कम होने के कारण वजन घटाने वाले लोगों के लिए बेहतर विकल्प है। यह शरीर द्वारा आसानी से पच जाती है और फाइबर की मात्रा अधिक होने के कारण आपको लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराती है। अगर आप वजन कम कर रहे हैं, तो खिचड़ी को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें।

डायबिटीज से कर सकती है बचाव
साबूदाना खिचड़ी डायबिटीज को रोकने में आपकी मदद कर सकती है। साबूदाना खिचड़ी भीगे हुए साबूदाने से बनी एक डिश है और आप सभी जानते होंगे कि साबूदाना शरीर में इंसुलिन को मेंटेन रखने में सहायक है। यह डायबिटीज की रोकथाम में मदद कर सकती है।

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