समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। गुड लक और बैड लक हमारे जीवन में बहुत अहमियत रखते हैं। कई बार हम भरसक मेहनत करके कोई काम करते हैं और यदि वह पूरा नहीं होता है, तो उसे बैड लक से जोड़कर देख…


समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। गुड लक और बैड लक हमारे जीवन में बहुत अहमियत रखते हैं। कई बार हम भरसक मेहनत करके कोई काम करते हैं और यदि वह पूरा नहीं होता है, तो उसे बैड लक से जोड़कर देख…

श्री संवत २०७९ श्रीशाके १९४४ श्री सूर्य दक्षिणायन शरद ऋतु तुलार्क ११ गते कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि १२/४५ तक विशाखा नक्षत्र १२/१० के बाद अनुराधा नक्षत्र आज भैया दूज पर्व है । राहु काल १/३० से ३ बजें तक…

श्रीसंवत २०७९ श्री शाके १९४४ श्री सूर्य दक्षिणायन शरद ऋतु तुलार्क १० गते कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि २/४२ बजे तक तत्पश्चात द्वितीया तिथि आज प्रातःगोवर्धन पूजा अन्नकूट का पर्व मनाया जायेगाआज सूर्याेदय ६/२६ बजे सूर्यास्त ५/२९ बजे राहु काल…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। गोवर्धन पूजा के अगले दिन कार्तिक शुक्ल द्वितीया को भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है। 26 अक्टूबर को दोपहर 02 बजकर 42 मिनट से प्रारंभ होगी जो अगले दिन 27 अक्टूबर 2022 को दोपहर 12…

समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। हर साल दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा मनाते हैं, लेकिन इस साल ऐसा नहीं है। इस साल दिवाली के अगले दिन यानि आज 25 अक्टूबर मंगलवार को सूर्य ग्रहण है, इसलिए गोवर्धन पूजा आज नहीं…

श्रीसंवत २०७९ श्रीशाके १९४४ श्री सूर्य दक्षिणायन शरद ऋतु तुलार्क ९ गते कार्तिक कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि ४/२८ बजे तक मंगल वार तत्पश्चात प्रति पदा तिथि सूर्योदय ६/२५ बजे सूर्यास्त ५/३० बजे राहु काल ३ बजे से ४/३० बजे तक…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। खुशियों के त्यौहार दीपावली पर लक्ष्मी पूजन के बाद लक्ष्मी जी का पाटा अगले दिन की बजाए उसी रात सूर्याेदय से पहले उठाना होगा। दीपावली 24 अक्टूबर को मनाई जाएगी और 25 अक्टूबर को सूर्य ग्रहण…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। कार्तिक अमावस्या के दिन दिवाली का महापर्व मनाया जा रहा है। इस दिन माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए कुछ उपाय जरूर करें। उनकी कृपा से घर परिवार में सुख…

श्रीसंवत २०७९ श्रीशाके १९४४ श्रीसूर्य दक्षिणायन शरद ऋतु तुलार्क ८ गते कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी ५/३० बजे तक तत्पश्चात अमावस्या तिथि महालक्ष्मी पूजन आरम्भ प्रदोषकाल व बृष लग्न में तथा महा निशा काल सायं काल ५/५० से ८/५० तक अति शुभ…